मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह की हुई गड़बड़ी का आरोप गलत


नौगढ़ चंदौली संवाददाता लक्ष्मीकांत विश्वकर्मा की रिपोर्ट 

खबर नौगढ तहसील के ब्लाक  परिसर मे सोमवार को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत विवाह समारोह मे लाभार्थी कन्या व मां को भगाने दुल्हनों को चांदी की जगह  स्टील का पायल दिए जाने एवं भूखे पेट घराती बरातीयो को लौटने की खबर विभिन्न समाचार पत्रों मे प्रकाशित होने के आरोपों की जाँच मंगलवार को की गयी

 जिसमे आरोप निराधार निकला जिलाधिकारी निखिल टी फूंडे के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम मे शामिल उपजिलाधिकारी आलोक कुमार जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य खंड विकास अधिकारी अमित कुमार ने लाभार्थियों से बयान दर्ज कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजा है।

खंड विकास अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन ब्लाक परिसर मे पूरी पारदर्शिता से कराया गया है।

इसमें लगाया गया आरोप पूरी तरह से निराधार व झूठा है।

      जाँच मे लाभार्थियों से की गयी पूछताछ मे कोई भी आरोप लगाकर किसी को भी बयान दिए जाने से इंकार किया गया है।

       शादी के लिए आयोजन मे आई कन्या व उसकी माँ को भगाये जाने का आरोप भी एकदम गलत है।

तेंदुआ गांव की निशा कुमारी का विवाह पंजीकरण हुआ था जिसमे जाँच के दौरान उसकी माँ ने बताई की वर पक्ष अभी शादी करने को तैयार नहीं है।

एक दिन पूर्व कहा गया की शादी कराया जाय।

जाँच अपूर्ण होने से उसको अगले बार लाभान्वित किये जाने को कहा गया है।

चांदी के पायलो की खरीद पंजीकृत दुकान से हुई है।

बाराती व घराती के खाना का समुचित प्रबंध किया गया था

       सभी को भोजन करने के बाद भी खाना बचा था।

जिसका वीडियो रिकार्डिंग भी मौजूद है

 लाभार्थीयों व परिजनों ने लिखित रूप मे आरोपों को निराधार व एकदम झूठा होने की पुष्टि किया है।

आयोजन के दौरान किसी प्रकार का हो हल्ला नहीं हुआ है।

शांति पूर्वक पंजीकृत सभी 27 जोड़ो का नियमानुसार विवाह कराया गया है।